कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में सामने आए किडनी रैकेट मामले ने इंसानियत को झकझोर दिया है। आयुष नाम के युवक ने खुलासा किया कि एक एजेंट ने उसे 6 लाख रुपये में किडनी बेचने के लिए राजी किया था। तय हुआ था कि आधी रकम पहले और बाकी ऑपरेशन के बाद दी जाएगी, लेकिन सर्जरी के बाद उसके खाते में सिर्फ साढ़े तीन लाख रुपये ही पहुंचे, जबकि बाकी रकम अब तक नहीं मिली।
आयुष ने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी उस पर आ गई थी और फीस न भर पाने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। जमीन गिरवी होने के कारण उसे कहीं से कर्ज भी नहीं मिल सका। मजबूरी में उसने यह खतरनाक फैसला लिया, ताकि अपनी पढ़ाई जारी रख सके और परिवार पर बोझ कम कर सके।
युवक के अनुसार, एजेंट ने उसे झांसा देकर इस अवैध सौदे में फंसाया। ऑपरेशन के बाद वादा पूरा नहीं किया गया, जिससे वह ठगा हुआ महसूस कर रहा है। इस घटना के बाद परिवार, खासकर उसकी मां, गहरे सदमे में हैं और इस पूरे मामले को लेकर बेहद नाराज भी हैं।
फिलहाल आयुष और किडनी रिसीवर पारुल को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में दोनों का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, पुलिस इस पूरे किडनी रैकेट की जांच में जुटी है और इसमें शामिल एजेंटों की तलाश की जा रही है।